आपका राहें पर स्वागत है

कविता"पति- पत्नी"




पति- पत्नी 


पति- पत्नी होते जीवन साथी
साथ रहते जैसे दिया और बाती
यदि एक की कमी हो जाये
गृहस्थी पटरी से उतर जाती
पति से होता चूड़ि -कंगन
सौलह सिंगार पत्नी कर पाती
पति के घर वापस आने पर 
पत्नी फूलों सी खिल जाती
पत्नी होती है घर की लक्ष्मी 
वही घर को है मंदिर बनाती
उसके प्रेम की ताकत से ही
सभी मुश्किलें हल हो जातीं

माँ पर कविता पढ़ें
"जब लड़खड़ाया मैं"



No comments:

Post a Comment